Archive for October, 2009
और दुल्हे बिकने लगे….
06Oct09
अभी वह एक विश्वविद्यालय में केवल एक छात्र है, यह भी नहीं पता कि पास भी हो पायेगा या नहीं, और हो भी गया तो एक डिग्री सब कुछ नहीं होती| डिग्री मिल जाने से वह कमाने नहीं लग जायेगा| हजारों लोग डिग्रियां लिए खड़े हैं, लम्बी कतारें लगी हैं मानो राशन की दुकान के [...]
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