आज एक नई कसक दिल में पैदा हुई है
ख़ुशी मेरे लबों पर नज़र आई है
हाँ जानता हूँ मुझे प्यार है उस से
वो ना भी मिले तो क्या रुसवाई है?

दो पल ख़ुशी के बिताता हूँ उस संग
ख्वाबों में मेरे अब वो ही समायी है
नम आँखें भी मेरी अब यही कहती हैं
वो ना भी मिले तो क्या रुसवाई है?



4 Responses to “उसकी यादों में……..”  

  1. बहुत सुन्दर कृति है

    मानव मस्तिष्क पढ़ना संभव

  2. 3 rajnish parihar

    bahut dino se nahin likh rahe ho ?kya hua????

    • थोडा ब्यस्त हो गया ता परिहार जी, बस जल्दी ही आपकी शिकायत दूर करने की कोशिश करूँगा…


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